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mahabharat 7.120.42-43h: तत्पश्चात् रथियों में श्रेष्ठ सात्यकि ने आपके पुत्र के सारथि पर शीघ्रतापूर्वक भाले से आक्रमण किया, जिससे सारथि मारा गया और भूमि पर गिर पड़ा।   |   mahabharat अध्याय 7.120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 42-43h
 
 
श्लोक  7.120.42-43h 
तत: स रथिनां श्रेष्ठस्तव पुत्रस्य सारथिम्॥ ४२॥
आजघानाशु भल्लेन स हतो न्यपतद् भुवि।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् रथियों में श्रेष्ठ सात्यकि ने आपके पुत्र के सारथि पर शीघ्रतापूर्वक भाले से आक्रमण किया, जिससे सारथि मारा गया और भूमि पर गिर पड़ा।
 
Thereafter Satyaki, the best of charioteers, quickly attacked your son's charioteer with a spear. The charioteer was killed by it and fell to the ground. 42 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)