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mahabharat 7.120.37-38h: तब शिनिवंश के प्रधान योद्धा ने चित्रसेन को सौ बाणों से, दुसह को दस बाणों से तथा दुशासन को बीस बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  7.120.37-38h 
चित्रसेनं शतेनैव दशभिर्दु:सहं तथा॥ ३७॥
दु:शासनं तु विंशत्या विव्याध शिनिपुङ्गव:।
 
 
अनुवाद
तब शिनिवंश के प्रधान योद्धा ने चित्रसेन को सौ बाणों से, दुसह को दस बाणों से तथा दुशासन को बीस बाणों से घायल कर दिया।
 
Then the chief warrior of the Shini clan wounded Chitrasena with a hundred arrows, Dusaha with ten and Dushasan with twenty arrows. 37 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)