Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.120.21-d1h: ? शिनि देश के महारथी सात्यकि, जो अस्त्र-शस्त्र चलाने में निपुण तथा विचित्र युद्धकला में निपुण थे, ने मुस्कुराते हुए अपने तीखे बाणों से उन तीन सौ शूरवीर घुड़सवारों तथा चार सौ हाथी सवारों को मार डाला, जिन्होंने उपरोक्त वचन कहे थे। | mahabharat अध्याय 7.120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
? शिनि देश के महारथी सात्यकि, जो अस्त्र-शस्त्र चलाने में निपुण तथा विचित्र युद्धकला में निपुण थे, ने मुस्कुराते हुए अपने तीखे बाणों से उन तीन सौ शूरवीर घुड़सवारों तथा चार सौ हाथी सवारों को मार डाला, जिन्होंने उपरोक्त वचन कहे थे।
Smiling, Satyaki, the great warrior of Shini, who was swift in wielding his weapons and adept in the strange arts of war, killed with his sharp arrows the three hundred valiant horse-riders and four hundred elephant-riders who had spoken the above words.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥