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mahabharat 7.119.8-9h: देखो! मुकुटधारी पाण्डव अर्जुन का मार्ग गिरे हुए पैदल सैनिकों, घोड़ों, रथों और हाथियों के समूह के कारण ऊबड़-खाबड़ और ऊबड़-खाबड़ हो गया है।'   |   mahabharat अध्याय 7.119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  7.119.8-9h 
पश्य पाण्डवमुख्येन यातां भूमिं किरीटिना॥ ८॥
पत्त्यश्वरथनागौघै: पतितैर्विषमीकृताम्।
 
 
अनुवाद
देखो! मुकुटधारी पाण्डव अर्जुन का मार्ग गिरे हुए पैदल सैनिकों, घोड़ों, रथों और हाथियों के समूह के कारण ऊबड़-खाबड़ और ऊबड़-खाबड़ हो गया है।'
 
‘Look! The path taken by the crown-wearing Pandava Arjuna has become rough and rugged due to the hordes of fallen infantry, horses, chariots and elephants. 8 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)