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mahabharat 7.119.49-50h: वे यवन सात्यकि द्वारा वज्र और बिजली के समान कठोर नोक वाले सुन्दर बाणों से मारे गये और उनकी लाशों से पृथ्वी ढक गयी।   |   mahabharat अध्याय 7.119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.119.49-50h 
वज्राशनिसमस्पर्शै: सुपर्वभिरजिह्मगै:॥ ४९॥
ते सात्वतेन निहता: समावव्रुर्वसुंधराम्।
 
 
अनुवाद
वे यवन सात्यकि द्वारा वज्र और बिजली के समान कठोर नोक वाले सुन्दर बाणों से मारे गये और उनकी लाशों से पृथ्वी ढक गयी।
 
Those Yavanas, killed by Satyaki with beautiful arrows having tips which were as hard as thunderbolts and lightning, covered the ground with their corpses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)