श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  7.119.35 
अद्य राजसहस्राणि निहतानि मया रणे।
दृष्ट्वा दुर्योधनो राजा संतप्स्यति महामृधे॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
आज राजा दुर्योधन महायुद्ध में मेरे द्वारा हजारों राजाओं का विनाश देखकर बहुत दुःखी होगा ॥35॥
 
Today King Duryodhana will be very sad when he sees the destruction of thousands of kings by me in the great war. ॥ 35॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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