Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.119.34: आज मैं क्रोध में भरकर कौरव सेना के श्रेष्ठ योद्धाओं को चुन-चुनकर मार डालूँगा, जिससे दुर्योधन को पता चल जाएगा कि अब संसार में दो अर्जुन प्रकट हो गए हैं ॥34॥   |   mahabharat अध्याय 7.119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  7.119.34 
अद्य मे क्रुद्धरूपस्य निघ्नतश्च वरान् वरान्।
द्विरर्जुनमिमं लोकं मंस्यतेऽद्य सुयोधन:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
आज मैं क्रोध में भरकर कौरव सेना के श्रेष्ठ योद्धाओं को चुन-चुनकर मार डालूँगा, जिससे दुर्योधन को पता चल जाएगा कि अब संसार में दो अर्जुन प्रकट हो गए हैं ॥34॥
 
Today, filled with anger, I will select and kill the best warriors of the Kaurava army, so that Duryodhan will know that now two Arjunas have appeared in the world. ॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)