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mahabharat 7.119.28-29: आज दुर्योधन सहित समस्त कौरव मेरे पराक्रम को देखेंगे। हे सूत! आज इन शिरोमणियों के मारे जाने तथा अन्य समस्त सेनाओं के बार-बार नष्ट हो जाने पर, युद्धस्थल में कौरव सेना के छिन्न-भिन्न हो जाने पर, दुर्योधन नाना प्रकार के क्रन्दन सुनकर अत्यन्त व्याकुल होगा।   |   mahabharat अध्याय 7.119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय  »  श्लोक 28-29
 
 
श्लोक  7.119.28-29 
अद्य द्रक्ष्यन्ति मे वीर्यं कौरवा: ससुयोधना:।
मुण्डानीके हते सूत सर्वसैन्येषु चासकृत्॥ २८॥
अद्य कौरवसैन्यस्य दीर्यमाणस्य संयुगे।
श्रुत्वा विरावं बहुधा संतप्स्यति सुयोधन:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
आज दुर्योधन सहित समस्त कौरव मेरे पराक्रम को देखेंगे। हे सूत! आज इन शिरोमणियों के मारे जाने तथा अन्य समस्त सेनाओं के बार-बार नष्ट हो जाने पर, युद्धस्थल में कौरव सेना के छिन्न-भिन्न हो जाने पर, दुर्योधन नाना प्रकार के क्रन्दन सुनकर अत्यन्त व्याकुल होगा।
 
Today all the Kauravas including Duryodhana will witness my prowess. O Suta! Today after the killing of these heads of heads and the repeated destruction of all the other armies, Duryodhana will be very distressed on hearing the various cries of the Kaurava army getting torn apart on the battlefield. 28-29.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)