श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.119.17 
एतान् सरथनागाश्वान् निहत्याजौ सपत्तिन:।
इदं दुर्गं महाघोरं तीर्णमेवोपधारय॥ १७॥
 
 
अनुवाद
रणभूमि में रथ, हाथी, घोड़े और पैदल सेना सहित उन सबको मारकर आप निश्चयपूर्वक समझ लीजिए कि हमने इस अत्यन्त भयंकर और दुर्गम संकट पर विजय प्राप्त कर ली है। ॥17॥
 
"Having killed all of them, including their chariots, elephants, horses and infantry, on the battlefield, you may certainly understand that we have overcome this extremely dreadful and insurmountable crisis." ॥17॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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