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mahabharat 7.118.12: तत्पश्चात् राजकुमार सुदर्शन ने चार और तेजस्वी बाण छोड़े और उनसे सात्यकि के चाँदी के समान चमकते हुए चारों घोड़ों को बलपूर्वक घायल कर दिया॥12॥   |   mahabharat अध्याय 7.118: सात्यकिद्वारा सुदर्शनका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 118: सात्यकिद्वारा सुदर्शनका वध  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.118.12 
तथैव तस्यावनिपालपुत्र:
संधाय बाणैरपरैर्ज्वलद्भि:।
आजघ्निवांस्तान् रजतप्रकाशां-
श्चतुर्भिरश्वांश्चतुर: प्रसह्य॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् राजकुमार सुदर्शन ने चार और तेजस्वी बाण छोड़े और उनसे सात्यकि के चाँदी के समान चमकते हुए चारों घोड़ों को बलपूर्वक घायल कर दिया॥12॥
 
Thereafter Prince Sudarshan shot four other brilliant arrows and with them he forcefully wounded all the four horses of Satyaki, shining like silver.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)