क्रोध के ईंधन से प्रज्वलित हुई द्रोण की अग्नि पाण्डवों और पांचालों को रोककर उन सबको जलाती हुई खड़ी हो गई और प्रलयकाल के सूर्य के समान चमकने लगी।
The fire of Drona, ignited by the fuel of anger, stopped the Pandavas and the Panchalas and stood burning them all and began to shine like the sun at the time of doomsday.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि सात्यकिप्रवेशे सात्यकिपराक्रमे सप्तदशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें सात्यकिका कौरव-सेनामें प्रवेश तथा पराक्रमविषयक एक सौ सत्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥