श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.116.10 
राजानं सर्वलोकस्य सर्वलोकमहारथम्।
शरैरभ्याहनद् गाढं ततो युद्धमभूत् तयो:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
उसने समस्त लोकों के राजा और विश्वविख्यात योद्धा दुर्योधन को अपने बाणों से अत्यन्त घायल कर दिया। फिर दोनों में घोर युद्ध छिड़ गया॥10॥
 
He deeply wounded Duryodhana, the king of all people and the world's renowned warrior, with his arrows. Then a fierce battle broke out between the two.॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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