श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 115: सात्यकिके द्वारा कृतवर्माकी पराजय, त्रिगर्तोंकी गजसेनाका संहार और जलसंधका वध  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  7.115.18-19h 
मामेवाभिमुखावीरा योत्स्यमाना व्यवस्थिता:।
अत्र मां प्रापय क्षिप्रमश्वांश्चोदय सारथे॥ १८॥
त्रिगर्तै: सह योत्स्यामि भारद्वाजस्य पश्यत:।
 
 
अनुवाद
ये सब योद्धा मेरे सामने युद्ध करने के लिए खड़े हैं। सारथी! घोड़ों को हाँककर मुझे शीघ्रता से उनके पास ले चलो। मैं द्रोणाचार्य के सामने त्रिगर्तों के साथ युद्ध करूँगा।॥18 1/2॥
 
All these warriors are standing facing me to fight. Charioteer! Drive the horses and take me to them quickly. I will fight with the Trigartas in front of Dronacharya.'॥ 18 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)