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mahabharat 7.114.96: नरश्रेष्ठ! युद्धस्थल में शिखण्डी को उदास देखकर आपके सैनिक कृतवर्मा की स्तुति करने लगे और अपने वस्त्र झाड़ने लगे॥96॥   |   mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  7.114.96 
तं विषण्णं रणे दृष्ट्वा तावका: पुरुषर्षभ।
हार्दिक्यं पूजयामासुर्वासांस्यादुधुवुश्च ह॥ ९६॥
 
 
अनुवाद
नरश्रेष्ठ! युद्धस्थल में शिखण्डी को उदास देखकर आपके सैनिक कृतवर्मा की स्तुति करने लगे और अपने वस्त्र झाड़ने लगे॥96॥
 
Narashrestha! Seeing Shikhandi depressed in the battlefield, your soldiers started praising Kritavarma and shaking their clothes. 96॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)