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mahabharat 7.114.62: सहदेव ने कृतवर्मा को बीस बाणों से, धर्मराज को पाँच बाणों से तथा नकुल को सौ बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  7.114.62 
सहदेवस्तु विंशत्या धर्मराजश्च पञ्चभि:।
शतेन नकुलश्चापि हार्दिक्यं समविध्यत॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
सहदेव ने कृतवर्मा को बीस बाणों से, धर्मराज को पाँच बाणों से तथा नकुल को सौ बाणों से घायल कर दिया।
 
Sahadev pierced Kritavarma with twenty arrows, Dharmaraja with five arrows and Nakul with a hundred arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)