Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.114.57: जब वीर सात्यकि ने कौरव सेना में प्रवेश किया, तब भीमसेन आदि कुन्तीपुत्रों ने आपकी विशाल सेना पर आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  7.114.57 
प्रविष्टे तव सैन्यं तु शैनेये सत्यविक्रमे।
भीमसेनमुखा: पार्था: प्रतीयुर्वाहिनीं तव॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
जब वीर सात्यकि ने कौरव सेना में प्रवेश किया, तब भीमसेन आदि कुन्तीपुत्रों ने आपकी विशाल सेना पर आक्रमण किया।
 
When the valiant Satyaki entered the Kaurava army, then Kunti's sons like Bhimasena attacked your large army. 57.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)