श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 113: सात्यकिका द्रोण और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए काम्बोजोंकी सेनाके पास पहुँचना  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  7.113.57 
स पपात हत: सूतो हार्दिक्यस्य महारथात्।
ततस्ते यन्तृरहिता: प्राद्रवंस्तुरगा भृशम्॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
उसके द्वारा मारा गया सारथि कृतवर्मा के विशाल रथ से नीचे गिर पड़ा। तब सारथि के बिना उसके घोड़े अत्यन्त वेग से दौड़ने लगे। 57.
 
The charioteer killed by him fell down from the huge chariot of Kritavarma. Then without the charioteer his horses started running very fast. 57.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)