श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 113: सात्यकिका द्रोण और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए काम्बोजोंकी सेनाके पास पहुँचना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.113.38 
बाह्लिकाभ्याशतो युक्तं कर्णस्य च महद् बलम्।
अन्योन्येन हि सैन्यानि भिन्नान्येतानि सारथे॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
कर्ण की विशाल सेना बाह्लीकों के पास खड़ी है। सारथि! ये सभी सेनाएँ एक-दूसरे से भिन्न हैं। 38।
 
‘Karna's huge army is standing near the Bahlikas along with them. Charioteer! All these armies are different from each other. 38.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)