श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 113: सात्यकिका द्रोण और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए काम्बोजोंकी सेनाके पास पहुँचना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.113.25 
तं षड्‍‍भि: सायकैर्द्रोण: साश्वयन्तारमार्दयत्।
स तं न ममृषे द्रोणं युयुधानो महारथ:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर द्रोण ने छः बाण मारकर सात्यकि को उसके घोड़ों और सारथि सहित पीड़ित कर दिया। महारथी युयुधान द्रोणाचार्य के इस पराक्रम को सहन न कर सका॥25॥
 
Then Drona shot six arrows and afflicted Satyaki along with his horses and charioteer. The mighty warrior Yuyudhan could not bear this valour of Dronacharya.॥25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)