राजन! तब सात्यकि ने भी युद्धस्थल में अपने सिंहासन पर आरूढ़ होकर, तीक्ष्ण स्वर्ण पंख वाले तथा मुर्गे और मयूर के पंखों से संयुक्त सात बाणों द्वारा द्रोणाचार्य को क्षत-विक्षत कर दिया॥24॥
Rajan! Then Satyaki also mounted on his throne in the battle arena, with seven arrows having sharp golden wings and combined with the feathers of cockerel and peacock, mutilated Dronacharya. 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥