श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 113: सात्यकिका द्रोण और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए काम्बोजोंकी सेनाके पास पहुँचना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.113.20 
नानाविधानि सैन्यानि तव हत्वा तु सात्वत:।
प्रविष्टस्तावकं सैन्यं द्रावयित्वा चमूं भृशम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार आपकी अनेक प्रकार की सेनाओं का विनाश करके तथा आपके बहुत से सैनिकों को भगाकर सात्यकि आपकी सेना में आ गये।
 
In this manner, after destroying various types of your armies and driving away many of your soldiers, Satyaki entered into your army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)