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mahabharat 7.112.48-49h: ‘आज मैं उन कंबोज सैनिकों के साथ युद्ध करूंगा जो विषैले सर्पों के समान क्रूर हैं, जो नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित हैं तथा नाना प्रकार के शस्त्रों से युद्ध करने में निपुण हैं।   |   mahabharat अध्याय 7.112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना  »  श्लोक 48-49h
 
 
श्लोक  7.112.48-49h 
काम्बोजैर्हि समेष्यामि तीक्ष्णैराशीविषोपमै:॥ ४८॥
नानाशस्त्रसमावायैर्विविधायुधयोधिभि:।
 
 
अनुवाद
‘आज मैं उन कंबोज सैनिकों के साथ युद्ध करूंगा जो विषैले सर्पों के समान क्रूर हैं, जो नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित हैं तथा नाना प्रकार के शस्त्रों से युद्ध करने में निपुण हैं।
 
‘Today I will fight against the Kamboja soldiers who are as ferocious as poisonous serpents and who are equipped with various kinds of weapons and are adept in fighting with various weapons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)