श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना  »  श्लोक 42-43h
 
 
श्लोक  7.112.42-43h 
ये त्वेते रथिनो राजन् दृश्यन्ते काञ्चनध्वजा:॥ ४२॥
एते दुर्वारणा नाम काम्बोजा यदि ते श्रुता:।
 
 
अनुवाद
‘राजन्! ये जो स्वर्ण ध्वजाधारी रथी आप देख रहे हैं, ये दुर्वारन् नाम के काम्बोज सैनिक हैं। आपने इनका नाम अवश्य सुना होगा। ॥42 1/2॥
 
‘King! These charioteers with golden flags that you see are Kamboja soldiers named Durvaran. You must have heard their name. ॥ 42 1/2 ॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas