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mahabharat 7.112.22: वे तलवारबाजी में भी निपुण हैं। ढाल और तलवार लेकर चलने में भी समर्थ हैं। वीर और शस्त्रविद्या में निपुण होने के साथ-साथ वे एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा भी करते हैं॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 7.112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.112.22 
खड्गप्रहरणे युक्ता: सम्पाते चासिचर्मणो:।
शूराश्च कृतविद्याश्च स्पर्धन्ते च परस्परम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
वे तलवारबाजी में भी निपुण हैं। ढाल और तलवार लेकर चलने में भी समर्थ हैं। वीर और शस्त्रविद्या में निपुण होने के साथ-साथ वे एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा भी करते हैं॥ 22॥
 
‘They are also well trained in sword fighting. They are capable of moving around with shield and sword. Besides being brave and expert in weapons, they also compete with each other.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)