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mahabharat 7.111.45-47h: तात! पाँचों भाई केकयराजकुमार, राक्षस घटोत्कच, विराट, द्रुपद, महारथी शिखण्डी, धृष्टकेतु, बलशाली मामा कुन्तिभोज (पुरुजित), नकुल, सहदेव, पांचाल और सृंजय-वेरोगंस - ये सभी सतर्क रहेंगे और निःसंदेह मेरी रक्षा करेंगे। 45-46 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.111: सात्यकि और युधिष्ठिरका संवाद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 111: सात्यकि और युधिष्ठिरका संवाद  »  श्लोक 45-47h
 
 
श्लोक  7.111.45-47h 
केकया भ्रातर: पञ्च राक्षसश्च घटोत्कच:।
विराटो द्रुपदश्चैव शिखण्डी च महारथ:॥ ४५॥
धृष्टकेतुश्च बलवान् कुन्तिभोजश्च मातुल:।
नकुल: सहदेवश्च पञ्चाला: सृञ्जयास्तथा॥ ४६॥
एते समाहितास्तात रक्षिष्यन्ति न संशय:।
 
 
अनुवाद
तात! पाँचों भाई केकयराजकुमार, राक्षस घटोत्कच, विराट, द्रुपद, महारथी शिखण्डी, धृष्टकेतु, बलशाली मामा कुन्तिभोज (पुरुजित), नकुल, सहदेव, पांचाल और सृंजय-वेरोगंस - ये सभी सतर्क रहेंगे और निःसंदेह मेरी रक्षा करेंगे। 45-46 1/2॥
 
Tat! Five brothers Kekayrajkumar, demon Ghatotkacha, Virat, Drupada, Maharathi Shikhandi, Dhrishketu, strong uncle Kuntibhoj (Purujit), Nakul, Sahadev, Panchal and Srinjay-Verogans - all of them will be alert and will protect me without any doubt. 45-46 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)