श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.110.2 
संजय उवाच
शृणु राजन् महाप्राज्ञ संग्रामं लोमहर्षणम्।
द्रोणस्य पाण्डवै: सार्धं युयुधानपुरोगमै:॥ २॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा- राजन! महामते! द्रोणाचार्य और सात्यकि आदि पाण्डव योद्धाओं के साथ जो रोमांचकारी युद्ध हुआ था, उसका वर्णन सुनिए।
 
Sanjay said- Rajan! Mahamate! Listen to the description of the thrilling battle that Dronacharya had with Satyaki and other Pandava warriors. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)