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mahabharat 7.109.34: बहुत से लोग कौतूहल से उस राक्षस को देखने लगे जो पृथ्वी पर ऐसे गिरा था जैसे मंगल ग्रह अचानक टूटकर बिखर गया हो।   |   mahabharat अध्याय 7.109: घटोत्कचद्वारा अलम्बुषका वध और पाण्डव-सेनामें हर्ष-ध्वनि   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 109: घटोत्कचद्वारा अलम्बुषका वध और पाण्डव-सेनामें हर्ष-ध्वनि  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  7.109.34 
जनाश्च तद् ददृशिरे रक्ष: कौतूहलान्विता:।
यदृच्छया निपतितं भूमावङ्गारकं यथा॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
बहुत से लोग कौतूहल से उस राक्षस को देखने लगे जो पृथ्वी पर ऐसे गिरा था जैसे मंगल ग्रह अचानक टूटकर बिखर गया हो।
 
Many people began to look with curiosity at that demon which had fallen on the earth like the planet Mars which had suddenly broken apart. 34.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)