Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.109.11-12h: हे महाराज! जैसे जलते हुए उल्कापिंडों द्वारा हाथी को चारों ओर से घेरकर आक्रमण किया जाता है, उसी प्रकार रथियों के समूह द्वारा अलम्बुष को घेरकर वे सब उस पर चारों ओर से बाणों की वर्षा करने लगे। | mahabharat अध्याय 7.109: घटोत्कचद्वारा अलम्बुषका वध और पाण्डव-सेनामें हर्ष-ध्वनि । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त एनं कोष्ठकीकृत्य रथवंशेन मारिष॥ ११॥
सर्वतो व्यकिरन् बाणैरुल्काभिरिव कुञ्जरम्।
अनुवाद
हे महाराज! जैसे जलते हुए उल्कापिंडों द्वारा हाथी को चारों ओर से घेरकर आक्रमण किया जाता है, उसी प्रकार रथियों के समूह द्वारा अलम्बुष को घेरकर वे सब उस पर चारों ओर से बाणों की वर्षा करने लगे।
Honorable King! Just as an elephant is surrounded from all sides by burning meteors and attacked, in the same way, having surrounded Alambusha with a group of chariots, all of them began to shower arrows on him from all sides.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥