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mahabharat 7.109.1: संजय कहते हैं - हे राजन! हिडिम्बपुत्र घटोत्कच युद्ध में निर्भय होकर विचरण करने वाले अलम्बुष के पास शीघ्रता से पहुँच गया और उसे अपने तीखे बाणों से बींधने लगा।   |   mahabharat अध्याय 7.109: घटोत्कचद्वारा अलम्बुषका वध और पाण्डव-सेनामें हर्ष-ध्वनि   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 109: घटोत्कचद्वारा अलम्बुषका वध और पाण्डव-सेनामें हर्ष-ध्वनि  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.109.1 
संजय उवाच
अलम्बुषं तथा युद्धे विचरन्तमभीतवत्।
हैडिम्बि: प्रययौ तूर्णं विव्याध निशितै: शरै:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! हिडिम्बपुत्र घटोत्कच युद्ध में निर्भय होकर विचरण करने वाले अलम्बुष के पास शीघ्रता से पहुँच गया और उसे अपने तीखे बाणों से बींधने लगा।
 
Sanjaya says: O King! Ghatotkacha, the son of Hidimba, reached Alambusha, who was moving fearlessly in the war, very quickly and began piercing him with his sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)