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mahabharat 7.106.25: राजेन्द्र! कुछ लोगों का विचार था कि युधिष्ठिर पराजित होकर भाग गए। कुछ लोगों का विश्वास था कि राजा युधिष्ठिर को महाहृदयी ब्राह्मण द्रोणाचार्य ने मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.106: द्रोण और उनकी सेनाके साथ पाण्डव-सेनाका द्वन्द्वयुद्ध तथा द्रोणाचार्यके साथ युद्ध करते समय रथ-भंग हो जानेपर युधिष्ठिरका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.106.25 
केचिच्चैनममन्यन्त तथैव विमुखीकृतम्।
हतो राजेति राजेन्द्र ब्राह्मणेन महात्मना॥ २५॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! कुछ लोगों का विचार था कि युधिष्ठिर पराजित होकर भाग गए। कुछ लोगों का विश्वास था कि राजा युधिष्ठिर को महाहृदयी ब्राह्मण द्रोणाचार्य ने मार डाला।
 
Rajendra! Some people thought that Yudhishthira ran away after being defeated. Some people believed that King Yudhishthira was killed by the great-hearted Brahmin Dronacharya. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)