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श्लोक  7.105.3 
तेषां तु रथमुख्यानां रथेषु विविधा ध्वजा:।
प्रत्यदृश्यन्त राजेन्द्र ज्वलिता इव पावका:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! उन महारथियों के रथों पर नाना प्रकार की ध्वजाएँ अग्नि के समान प्रज्वलित हो रही थीं।
 
King! On the chariots of those great warriors, various flags looked as blazing as fire.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)