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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 103: दुर्योधन और अर्जुनका युद्ध तथा दुर्योधनकी पराजय
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श्लोक 8
श्लोक
7.103.8
न वा कच्चिदयं काल: प्राप्त: स्यादद्य पश्चिम:।
तव चैवास्य शत्रोश्च तन्ममाचक्ष्व पृच्छत:॥ ८॥
अनुवाद
क्या तुम्हारे और तुम्हारे शत्रु के अन्तिम मिलन का समय नहीं आ गया है? मैं जो पूछता हूँ, उसका उत्तर दो॥8॥
‘Hasn't the time come for the final meeting between you and your enemy? Answer what I ask.॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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