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mahabharat 7.103.43: जयद्रथ की रक्षा के लिए नियुक्त महाधनुर्धर योद्धा अर्जुन को देखकर अचानक पृथ्वी को कंपा देने वाले जोर से गर्जना करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.103: दुर्योधन और अर्जुनका युद्ध तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 103: दुर्योधन और अर्जुनका युद्ध तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  7.103.43 
ते दृष्ट्वा सहसा पार्थं गोप्तार: सैन्धवस्य तु।
चक्रुर्नादान् महेष्वासा: कम्पयन्तो वसुंधराम्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
जयद्रथ की रक्षा के लिए नियुक्त महाधनुर्धर योद्धा अर्जुन को देखकर अचानक पृथ्वी को कंपा देने वाले जोर से गर्जना करने लगे।
 
The great archer warriors deputed to protect Jayadratha, on seeing Arjuna suddenly began to roar loudly, shaking the earth. 43.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)