Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.103.32: उपाय जानकर कुन्तीकुमार ने अपने बाणों से दुर्योधन के नखों को घायल कर दिया और पीड़ा से व्याकुल होकर युद्धभूमि से भाग गए। | mahabharat अध्याय 7.103: दुर्योधन और अर्जुनका युद्ध तथा दुर्योधनकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रयत्नज्ञो हि कौन्तेयो नखमांसान्तरेषुभि:।
स वेदनाभिराविग्न: पलायनपरायण:॥ ३२॥
अनुवाद
उपाय जानकर कुन्तीकुमार ने अपने बाणों से दुर्योधन के नखों को घायल कर दिया और पीड़ा से व्याकुल होकर युद्धभूमि से भाग गए।
Knowing the remedy, Kuntikumar (son of Kunti) struck the flesh of Duryodhan's nails with his arrows. Then, distraught with pain, he fled from the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥