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mahabharat 7.103.24-25h: जनार्दन! मैं इस अस्त्र का प्रयोग दो बार नहीं कर सकता; क्योंकि यदि मैं ऐसा करूँगा तो यह मुझे मार डालेगा और मेरी सेना का भी नाश कर देगा।॥24 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.103: दुर्योधन और अर्जुनका युद्ध तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 103: दुर्योधन और अर्जुनका युद्ध तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 24-25h
 
 
श्लोक  7.103.24-25h 
नैतदस्त्रं मया शक्यं द्वि: प्रयोक्तुं जनार्दन॥ २४॥
अस्त्रं मामेव हन्याद्धि हन्याच्चापि बलं मम।
 
 
अनुवाद
जनार्दन! मैं इस अस्त्र का प्रयोग दो बार नहीं कर सकता; क्योंकि यदि मैं ऐसा करूँगा तो यह मुझे मार डालेगा और मेरी सेना का भी नाश कर देगा।॥24 1/2॥
 
Janardan! I cannot use this weapon twice; because if I do so, it will kill me and also destroy my army.'॥ 24 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)