vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 103: दुर्योधन और अर्जुनका युद्ध तथा दुर्योधनकी पराजय
»
श्लोक 18
श्लोक
7.103.18
पश्य बाह्वोश्च मे वीर्यं धनुषश्च जनार्दन।
पराजयिष्ये कौरव्यं कवचेनापि रक्षितम्॥ १८॥
अनुवाद
जनार्दन! अब मेरी भुजाओं और धनुष का बल देखो। मैं कवच से सुरक्षित होने पर भी दुर्योधन को परास्त कर दूँगा।॥18॥
Janardan! Now see the strength of my arms and bow. I will defeat Duryodhan even though he is protected by armour. ॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×