संजय उवाच
एवमुक्त्वार्जुनं राजा त्रिभिर्मर्मातिगै: शरै:।
अभ्यविध्यन्महावेगैश्चतुर्भिश्चतुरो हयान्॥ १॥
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! अर्जुन से ऐसा कहकर राजा दुर्योधन ने तीन अत्यन्त वेगवान और भेदने वाले बाणों से उसे घायल कर दिया तथा चार बाणों से उसके चारों घोड़ों को भी घायल कर दिया॥1॥
Sanjaya says: O King! Having said this to Arjuna, King Duryodhana pierced him with three extremely fast and penetrating arrows and also injured his four horses with four arrows.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥