श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 101: श्रीकृष्ण और अर्जुनको आगे बढ़ा देख कौरव-सैनिकोंकी निराशा तथा दुर्योधनका युद्धके लिये आना  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  7.101.42 
दृष्ट्वा दुर्योधनं कृष्णो व्यतिक्रान्तं सहानुगम्।
अब्रवीदर्जुनं राजन् प्राप्तकालमिदं वच:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
राजा! दुर्योधन अपने सेवकों सहित नदी पार करके सामने आ गया। यह देखकर भगवान कृष्ण ने अर्जुन से यह समयानुकूल बात कही।
 
King! Duryodhan along with his servants crossed over and came in front. Seeing this Lord Krishna said this timely thing to Arjun.
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि दुर्योधनागमे एकाधिकशततमोऽध्याय:॥ १०१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें दुर्योधनका आगमनविषयक एक सौ एकवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १०१॥

 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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