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श्लोक 7.101.16  |
असौ मध्ये कृत: षड्भिर्धार्तराष्ट्रैर्महारथै:।
चक्षुर्विषयसम्प्राप्तो न मे मोक्ष्यति सैन्धव:॥ १६॥ |
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| अनुवाद |
| यद्यपि धृतराष्ट्र के छह महाबली पुत्रों ने जयद्रथ को अपने बीच छिपा लिया है, तथापि यदि वह मेरी दृष्टि में आ जाए तो मेरे हाथ से जीवित बचकर नहीं निकल सकेगा॥16॥ |
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| Although the six mighty sons of Dhritarashtra have hidden Jaydrath amongst themselves, yet if I catch sight of him I will not be able to escape alive from my hands.॥ 16॥ |
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