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श्लोक 7.101.1  |
संजय उवाच
स्रंसन्त इव मज्जानस्तावकानां भयान्नृप।
तौ दृष्ट्वा समतिक्रान्तौ वासुदेवधनंजयौ॥ १॥ |
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| अनुवाद |
| संजय ने कहा - हे नरदेव! भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन को आगे बढ़ते देख आपके सैनिक भयभीत हो गए॥1॥ |
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| Sanjaya said - O Lord of men! On seeing Lord Krishna and Arjuna moving ahead, your soldiers were frightened. ॥1॥ |
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