Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.99.26-27h: प्रजानाथ! वे सब वाहन अत्यन्त चिन्ताग्रस्त होकर मूत्र त्याग करने लगे। भरतश्रेष्ठ! भयंकर गर्जना करते हुए नरभक्षी राक्षसों की महान् वाणी सुनाई दे रही थी; परन्तु उनके बोलने वाले अदृश्य थे। 26 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  6.99.26-27h 
सुस्रुवुश्च शकृन्मूत्रं प्रध्यायन्तो विशाम्पते।
अन्तर्हिता महानादा: श्रूयन्ते भरतर्षभ॥ २६॥
रक्षसां पुरुषादानां नदतां भैरवान् रवान्।
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! वे सब वाहन अत्यन्त चिन्ताग्रस्त होकर मूत्र त्याग करने लगे। भरतश्रेष्ठ! भयंकर गर्जना करते हुए नरभक्षी राक्षसों की महान् वाणी सुनाई दे रही थी; परन्तु उनके बोलने वाले अदृश्य थे। 26 1/2॥
 
Prajanath! All those vehicles became very worried and started urinating. Bharatshrestha! The great voices of man-eating demons making terrible roars were heard; But their speakers were invisible. 26 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)