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mahabharat 6.99.14-15h: इस प्रकार वीर पाण्डवों ने युद्धभूमि में अत्यन्त अजेय सेना बनाई और कवच धारण करके युद्ध के लिए तैयार हो गए ॥14 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 99: नवें दिनके युद्धके लिये उभयपक्षकी सेनाओंकी व्यूह-रचना और उनके घमासान युद्धका आरम्भ तथा विनाशसूचक उत्पातोंका वर्णन  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  6.99.14-15h 
एवं तेऽपि महाव्यूहं प्रतिव्यूह्य सुदुर्जयम्॥ १४॥
पाण्डवा: समरे शूरा: स्थिता युद्धाय दंशिता:।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार वीर पाण्डवों ने युद्धभूमि में अत्यन्त अजेय सेना बनाई और कवच धारण करके युद्ध के लिए तैयार हो गए ॥14 1/2॥
 
In this manner the valiant Pandavas had formed an extremely invincible formation in the battlefield and wearing armour were ready for the war. ॥ 14 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)