श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  6.96.51 
सुवर्णविकृतप्रासान् पट्टिशान् हेमभूषितान्।
जातरूपमयाश्चर्ष्टी: शक्तीश्च कनकोज्ज्वला:॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
सोने से मढ़े भाले, सोने से जड़े हुए करधनी, सोने के भाले और चमकते हुए सोने से मढ़े हुए भाले इधर-उधर पड़े हुए थे।
 
Gold-decorated spears, gold-inlaid belts, golden spears and shining gold-decorated spears were lying here and there. 51.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)