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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 96: इरावान्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार
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श्लोक 27
श्लोक
6.96.27
अनाधृष्टिं कुण्डभेदिं वैराटं दीर्घलोचनम्।
दीर्घबाहुं सुबाहुं च तथैव कनकध्वजम्॥ २७॥
अनुवाद
उनके नाम इस प्रकार हैं- अनाधृष्टि, कुंडभेदी, वैराट, दीर्घलोचन, दीर्घबाहु, सुबाहु और कनकध्वज। 27॥
Their names are as follows - Anadhrishti, Kundbhedi, Vairat, Longlochan, Longbahu, Subahu and Kanakdhwaj. 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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