श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  6.96.2 
अब्रवीत् समरे राजन् वासुदेवमिदं वच:।
इदं नूनं महाप्राज्ञो विदुरो दृष्टवान् पुरा॥ २॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! तब उन्होंने युद्धस्थल में भगवान वसुदेव से कहा - 'प्रभो! निश्चय ही महाज्ञानी विदुर ने यह सब पहले ही देख लिया है॥2॥
 
Nareshwar! Then he said to Lord Vasudev in the battlefield - 'Lord! Surely the great wise Vidur had already seen all this. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)