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mahabharat 6.95.74: इसके बाद भगदत्त ने पांच बाणों से द्रौपदी के पांचों पुत्रों को घायल कर दिया और क्रोध में आकर भीमसेन के घोड़ों को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  6.95.74 
द्रौपदेयांस्तत: पञ्च पञ्चभि: समताडयत्।
भीमसेनस्य च क्रोधान्निजघान तुरङ्गमान्॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद भगदत्त ने पांच बाणों से द्रौपदी के पांचों पुत्रों को घायल कर दिया और क्रोध में आकर भीमसेन के घोड़ों को मार डाला।
 
After this Bhagadatta injured the five sons of Draupadi with five arrows and in anger killed the horses of Bhimasena.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)