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mahabharat 6.95.71: तत्पश्चात् उन्होंने अग्नि के समान तीक्ष्ण और स्पष्ट बाणों से आक्रमण करके भीमसेन को घायल कर दिया तथा राक्षस घटोत्कच को नौ बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 71
 
 
श्लोक  6.95.71 
विसृजन् विमलांस्तीक्ष्णान् नाराचाञ्‍ज्‍वलनप्रभान्।
भीममेकेन विव्याध राक्षसं नवभि: शरै:॥ ७१॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उन्होंने अग्नि के समान तीक्ष्ण और स्पष्ट बाणों से आक्रमण करके भीमसेन को घायल कर दिया तथा राक्षस घटोत्कच को नौ बाणों से घायल कर दिया।
 
Thereafter, attacking with sharp and clear arrows which radiated like fire, He wounded Bhimasena with one of them and pierced the demon Ghatotkacha with nine arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)