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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  6.95.70 
स विस्फार्य महच्चापमिन्द्राशनिसमप्रभम्।
तर्जयामास वेगेन पाण्डवानां महारथान्॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने अपना विशाल धनुष, जो इन्द्र के वज्र के समान चमक रहा था, खींचकर पाण्डव योद्धाओं को कठोर फटकार लगाई।
 
Drawing his huge bow, which gleamed like Indra's thunderbolt, he sharply rebuked the Pandava warriors.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)