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mahabharat 6.95.67: महाबली दैत्य का यह महान् कार्य देखकर आकाश में खड़े देवता, गन्धर्व और ऋषिगण आश्चर्यचकित हो गए ॥67॥   |   mahabharat अध्याय 6.95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  6.95.67 
तदवेक्ष्य कृतं कर्म राक्षसेन बलीयसा।
दिवि देवा: सगन्धर्वा मुनयश्चापि विस्मिता:॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
महाबली दैत्य का यह महान् कार्य देखकर आकाश में खड़े देवता, गन्धर्व और ऋषिगण आश्चर्यचकित हो गए ॥67॥
 
Seeing this great deed done by the mighty demon, the gods, Gandharvas and sages standing in the sky were astonished. 67॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)