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mahabharat 6.95.50-51h: हाथी के पराजित हो जाने पर भी पाण्डव योद्धा जोर से गर्जना करते हुए युद्ध के लिए खड़े रहे।   |   mahabharat अध्याय 6.95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 50-51h
 
 
श्लोक  6.95.50-51h 
तस्मिन् पराजिते नागे पाण्डवानां महारथा:॥ ५०॥
सिंहनादं विनद्योच्चैर्युद्धायैवावतस्थिरे।
 
 
अनुवाद
हाथी के पराजित हो जाने पर भी पाण्डव योद्धा जोर से गर्जना करते हुए युद्ध के लिए खड़े रहे।
 
Even after the elephant was defeated, the Pandava warriors roared loudly and stood still for the battle. 50 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)